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mahabharat 7.104.35: तत्पश्चात् जैसे तेज वायु बादलों को तितर-बितर कर देती है, उसी प्रकार श्वेत वाहनधारी अर्जुन ने क्रोधित होकर सैकड़ों तीखे बाणों द्वारा शत्रुओं को शीघ्रतापूर्वक भगा दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.104: अर्जुनका कौरव महारथियोंके साथ घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 104: अर्जुनका कौरव महारथियोंके साथ घोर युद्ध  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  7.104.35 
तत: शरशतैस्तीक्ष्णैस्तानरीन् श्वेतवाहन:।
प्रत्यषेधद् द्रुतं क्रुद्धो महावातो घनानिव॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् जैसे तेज वायु बादलों को तितर-बितर कर देती है, उसी प्रकार श्वेत वाहनधारी अर्जुन ने क्रोधित होकर सैकड़ों तीखे बाणों द्वारा शत्रुओं को शीघ्रतापूर्वक भगा दिया।
 
Thereafter, just as a strong wind scatters clouds, so the white-vehicled Arjuna, infuriated, quickly drove back those enemies with hundreds of sharp arrows.
 
इति श्रीमहाभारते द्रोणपर्वणि जयद्रथवधपर्वणि संकुलयुद्धे चतुरधिकशततमोऽध्याय:॥ १०४॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत द्रोणपर्वके अन्तर्गत जयद्रथवधपर्वमें संकुलयुद्धविषयक एक सौ चारवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १०४॥

 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)