श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 104: अर्जुनका कौरव महारथियोंके साथ घोर युद्ध  »  श्लोक 33-34
 
 
श्लोक  7.104.33-34 
भूरिश्रवास्तु संक्रुद्ध: प्रतोदं चिच्छिदे हरे:॥ ३३॥
अर्जुनं च त्रिसप्तत्या बाणानामाजघान ह॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
भूरिश्रवाण ने क्रोधित होकर श्रीकृष्ण का कोड़ा काट डाला और तिहत्तर बाणों से अर्जुन को अत्यन्त घायल कर दिया ॥33-34॥
 
Bhurishravane became angry and cut off the whip of Shri Krishna and deeply hurt Arjuna with seventy-three arrows. 33-34॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)