Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.104.31-32h: इसके बाद उन्होंने भूरिश्रवा को तीन बाणों से, शल्य को दस बाणों से तथा अश्वत्थामा को अग्नि की ज्वाला के समान आठ तीक्ष्ण बाणों से घायल कर दिया। | mahabharat अध्याय 7.104: अर्जुनका कौरव महारथियोंके साथ घोर युद्ध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सौमदत्तिं त्रिभिर्विद्ध्वा शल्यं च दशभि: शरै:॥ ३१॥
शितैरग्निशिखाकारैर्द्रौणिं विव्याध चाष्टभि:।
अनुवाद
इसके बाद उन्होंने भूरिश्रवा को तीन बाणों से, शल्य को दस बाणों से तथा अश्वत्थामा को अग्नि की ज्वाला के समान आठ तीक्ष्ण बाणों से घायल कर दिया।
After this, he pierced Bhurishrava with three arrows, Shalya with ten arrows and injured Ashwatthama with eight sharp arrows shaped like flames of fire.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥