श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 104: अर्जुनका कौरव महारथियोंके साथ घोर युद्ध  »  श्लोक 29-30h
 
 
श्लोक  7.104.29-30h 
प्रहसंस्तु नरव्याघ्र: श्वेताश्व: कृष्णसारथि:॥ २९॥
प्रत्यविध्यत् स तान् सर्वान् दर्शयन् पाणिलाघवम्।
 
 
अनुवाद
तब श्रीकृष्ण के सारथी श्वेत वाहनधारी नरसिंह अर्जुन ने जोर से हंसकर तथा अपने हाथों की निपुणता दिखाकर उन सबको बींधकर बदला लिया।
 
Then Arjuna, the white-vehicled man-lion whose charioteer is Shri Krishna, took revenge by laughing loudly and showing the dexterity of his hands by piercing them all.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)