श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 104: अर्जुनका कौरव महारथियोंके साथ घोर युद्ध  »  श्लोक 28-29h
 
 
श्लोक  7.104.28-29h 
तत: शराणां षष्टॺा तु द्रौणि: पार्थमवाकिरत्॥ २८॥
वासुदेवं च विंशत्या पुन: पार्थं च पञ्चभि:।
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् अश्वत्थामा ने अर्जुन पर साठ बाण छोड़े, फिर श्रीकृष्ण पर बीस बाण छोड़े और अर्जुन पर भी पाँच बाण छोड़े ॥28 1/2॥
 
After that Ashwatthama shot sixty arrows at Arjuna, then shot twenty arrows at Shri Krishna and five arrows at Arjuna also. 28 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)