श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 104: अर्जुनका कौरव महारथियोंके साथ घोर युद्ध  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  7.104.10 
ते प्रगृह्य महाशङ्खान् दध्मु: पुरुषसत्तमा:।
पूरयन्तो दिवं राजन् पृथिवीं च ससागराम्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
हे मनुष्यों के स्वामी! उन महारथियों ने बड़े-बड़े शंख लिए और उन्हें बजाकर पृथ्वी, आकाश तथा समुद्र को ध्वनि से भर दिया।
 
O lord of men! Those great warriors took huge conches and blew them, filling the earth and the sky along with the ocean with sounds.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)