vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 7: द्रोण पर्व
»
अध्याय 103: दुर्योधन और अर्जुनका युद्ध तथा दुर्योधनकी पराजय
»
श्लोक 6
श्लोक
7.103.6
अदृष्टपूर्वं पश्यामि शिलानामिव सर्पणम्।
त्वया सम्प्रेषिता: पार्थ नार्थं कुर्वन्ति पत्रिण:॥ ६॥
अनुवाद
पार्थ! आज मैं चट्टानों में हलचल जैसा कुछ देख रहा हूँ, जो मैंने पहले कभी नहीं देखा। तुम्हारे छोड़े हुए बाण कोई काम नहीं कर रहे हैं।
Parth! Today I am seeing something like the movement of rocks, which I have never seen before. The arrows shot by you are not doing any work. 6.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×