श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 103: दुर्योधन और अर्जुनका युद्ध तथा दुर्योधनकी पराजय  »  श्लोक 46
 
 
श्लोक  7.103.46 
तेन शब्देन महता पूरितेयं वसुंधरा।
सशैला सार्णवद्वीपा सपाताला विशाम्पते॥ ४६॥
 
 
अनुवाद
हे प्रजानाथ! पर्वत, समुद्र, द्वीप और पाताल सहित सम्पूर्ण पृथ्वी उस महान् ध्वनि से गूंज उठी ॥ 46॥
 
O Prajanath! The entire earth, including mountains, oceans, islands and the netherworld, resounded with that great sound. ॥ 46॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)