Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.103.3: तब अर्जुन ने बिना किसी चिन्ता के तुरन्त ही उसे चौदह विचित्र पंख वाले बाणों से, जिन्हें उसने तीक्ष्ण करके तेज किया था, बींध डाला, किन्तु वे बाण दुर्योधन के कवच से फिसलकर गिर पड़े। | mahabharat अध्याय 7.103: दुर्योधन और अर्जुनका युद्ध तथा दुर्योधनकी पराजय । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तब अर्जुन ने बिना किसी चिन्ता के तुरन्त ही उसे चौदह विचित्र पंख वाले बाणों से, जिन्हें उसने तीक्ष्ण करके तेज किया था, बींध डाला, किन्तु वे बाण दुर्योधन के कवच से फिसलकर गिर पड़े।
Then Arjuna, without any anxiety, immediately pierced him with fourteen strange-feathered arrows, which he had sharpened and sharpened, but those arrows slipped off Duryodhan's armour.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥