Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.102.6: आज वह आपके बाणों के मार्ग में आ गया है। इसे आप अपना सौभाग्य समझिए, अन्यथा राज्य की इच्छा रखने वाला राजा दुर्योधन आपके साथ युद्धभूमि में कैसे प्रवेश कर सकता था?॥6॥ | mahabharat अध्याय 7.102: श्रीकृष्णका अर्जुनकी प्रशंसापूर्वक उसे प्रोत्साहन देना, अर्जुन और दुर्योधनका एक-दूसरेके सम्मुख आना, कौरव-सैनिकोंका भय तथा दुर्योधनका अर्जुनको ललकारना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सोऽयं प्राप्तस्तवाक्षेपं पश्य साफल्यमात्मन:।
कथं हि राजा राज्यार्थी त्वया गच्छेत संयुगम्॥ ६॥
अनुवाद
आज वह आपके बाणों के मार्ग में आ गया है। इसे आप अपना सौभाग्य समझिए, अन्यथा राज्य की इच्छा रखने वाला राजा दुर्योधन आपके साथ युद्धभूमि में कैसे प्रवेश कर सकता था?॥6॥
Today he has come in the path of your arrows. Consider this your success; otherwise how could King Duryodhana, who desired the kingdom, enter the battlefield with you?॥ 6॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥