Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.102.37: तुममें और श्रीकृष्ण में जो भी बल और पराक्रम है, उसे शीघ्र ही मुझे दिखाओ। हम देखेंगे कि तुममें कितना पुरुषत्व है॥ 37॥   |   mahabharat अध्याय 7.102: श्रीकृष्णका अर्जुनकी प्रशंसापूर्वक उसे प्रोत्साहन देना, अर्जुन और दुर्योधनका एक-दूसरेके सम्मुख आना, कौरव-सैनिकोंका भय तथा दुर्योधनका अर्जुनको ललकारना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 102: श्रीकृष्णका अर्जुनकी प्रशंसापूर्वक उसे प्रोत्साहन देना, अर्जुन और दुर्योधनका एक-दूसरेके सम्मुख आना, कौरव-सैनिकोंका भय तथा दुर्योधनका अर्जुनको ललकारना  »  श्लोक 37
 
 
श्लोक  7.102.37 
यद् बलं तव वीर्यं च केशवस्य तथैव च।
तत् कुरुष्व मयि क्षिप्रं पश्यामस्तव पौरुषम्॥ ३७॥
 
 
अनुवाद
तुममें और श्रीकृष्ण में जो भी बल और पराक्रम है, उसे शीघ्र ही मुझे दिखाओ। हम देखेंगे कि तुममें कितना पुरुषत्व है॥ 37॥
 
Whatever power and valour you and Shri Krishna possess, quickly show it to me. We will see how much manliness you have.॥ 37॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)