Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.102.34: लोगों का विलाप सुनकर दुर्योधन ने कहा, "तुम्हारा भय दूर हो जाए। मैं इन दोनों कृष्णों को मृत्युलोक भेज दूँगा।" ॥34॥   |   mahabharat अध्याय 7.102: श्रीकृष्णका अर्जुनकी प्रशंसापूर्वक उसे प्रोत्साहन देना, अर्जुन और दुर्योधनका एक-दूसरेके सम्मुख आना, कौरव-सैनिकोंका भय तथा दुर्योधनका अर्जुनको ललकारना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 102: श्रीकृष्णका अर्जुनकी प्रशंसापूर्वक उसे प्रोत्साहन देना, अर्जुन और दुर्योधनका एक-दूसरेके सम्मुख आना, कौरव-सैनिकोंका भय तथा दुर्योधनका अर्जुनको ललकारना  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  7.102.34 
जनस्य संनिनादं तु श्रुत्वा दुर्योधनोऽब्रवीत्।
व्येतु वो भीरहं कृष्णौ प्रेषयिष्यामि मृत्यवे॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
लोगों का विलाप सुनकर दुर्योधन ने कहा, "तुम्हारा भय दूर हो जाए। मैं इन दोनों कृष्णों को मृत्युलोक भेज दूँगा।" ॥34॥
 
Hearing the wailings of the people, Duryodhana said, "Your fears should be over. I will send these two Krishnas to the house of death." ॥ 34॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)