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mahabharat 7.102.25: हे प्रजानाथ! युद्धभूमि में राजा दुर्योधन को उपस्थित देखकर आपकी समस्त सेना जोर-जोर से गर्जना करने लगी।   |   mahabharat अध्याय 7.102: श्रीकृष्णका अर्जुनकी प्रशंसापूर्वक उसे प्रोत्साहन देना, अर्जुन और दुर्योधनका एक-दूसरेके सम्मुख आना, कौरव-सैनिकोंका भय तथा दुर्योधनका अर्जुनको ललकारना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 102: श्रीकृष्णका अर्जुनकी प्रशंसापूर्वक उसे प्रोत्साहन देना, अर्जुन और दुर्योधनका एक-दूसरेके सम्मुख आना, कौरव-सैनिकोंका भय तथा दुर्योधनका अर्जुनको ललकारना  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  7.102.25 
तत: सर्वस्य सैन्यस्य तावकस्य विशाम्पते।
महानादो ह्यभूत् तत्र दृष्ट्वा राजानमाहवे॥ २५॥
 
 
अनुवाद
हे प्रजानाथ! युद्धभूमि में राजा दुर्योधन को उपस्थित देखकर आपकी समस्त सेना जोर-जोर से गर्जना करने लगी।
 
O Prajanath! On seeing King Duryodhana present on the battlefield your entire army started roaring loudly. 25.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)