Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.102.18: उसके मरने से अनाथ हो गई इस कौरव सेना का संहार करो, दुष्टात्माओं की जड़ काट डालो, जिससे यह शत्रुतारूपी यज्ञ समाप्त हो जाए और तुम्हें तीर्थ स्नान का अवसर प्राप्त हो ॥18॥ | mahabharat अध्याय 7.102: श्रीकृष्णका अर्जुनकी प्रशंसापूर्वक उसे प्रोत्साहन देना, अर्जुन और दुर्योधनका एक-दूसरेके सम्मुख आना, कौरव-सैनिकोंका भय तथा दुर्योधनका अर्जुनको ललकारना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उसके मरने से अनाथ हो गई इस कौरव सेना का संहार करो, दुष्टात्माओं की जड़ काट डालो, जिससे यह शत्रुतारूपी यज्ञ समाप्त हो जाए और तुम्हें तीर्थ स्नान का अवसर प्राप्त हो ॥18॥
Kill this Kaurava army which has become orphan after his death, cut off the roots of the evil spirits, so that this sacrifice of enmity ends and you get the opportunity to take a holy bath. ॥18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥