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mahabharat 7.101.23: समुद्र के समान विशाल द्रोण की सेना से मुक्त होकर वे दोनों शत्रु वीर श्रीकृष्ण और अर्जुन ऐसे प्रसन्न हो रहे थे मानो उन्होंने समुद्र को पार कर लिया हो॥23॥   |   mahabharat अध्याय 7.101: श्रीकृष्ण और अर्जुनको आगे बढ़ा देख कौरव-सैनिकोंकी निराशा तथा दुर्योधनका युद्धके लिये आना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.101.23 
विमुक्तौ सागरप्रख्याद् द्रोणानीकादरिंदमौ।
अदृश्येतां मुदा युक्तौ समुत्तीर्यार्णवं यथा॥ २३॥
 
 
अनुवाद
समुद्र के समान विशाल द्रोण की सेना से मुक्त होकर वे दोनों शत्रु वीर श्रीकृष्ण और अर्जुन ऐसे प्रसन्न हो रहे थे मानो उन्होंने समुद्र को पार कर लिया हो॥23॥
 
Freed from Drona's army, which was as huge as the ocean, those two enemies, the brave Shri Krishna and Arjun, looked as happy as if they had crossed the ocean. 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)