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mahabharat 7.101.11: परन्तु महाराज! जब वे दोनों महारथी द्रोणाचार्य की सेना को पार कर गए, तब उन्हें देखकर आपके पुत्रों ने सिन्धुराज के बचने की सारी आशा छोड़ दी॥11॥   |   mahabharat अध्याय 7.101: श्रीकृष्ण और अर्जुनको आगे बढ़ा देख कौरव-सैनिकोंकी निराशा तथा दुर्योधनका युद्धके लिये आना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.101.11 
तौ तु दृष्ट्वा व्यतिक्रान्तौ द्रोणानीकं महाद्युती।
नाशशंसुर्महाराज सिन्धुराजस्य जीवितम्॥ ११॥
 
 
अनुवाद
परन्तु महाराज! जब वे दोनों महारथी द्रोणाचार्य की सेना को पार कर गए, तब उन्हें देखकर आपके पुत्रों ने सिन्धुराज के बचने की सारी आशा छोड़ दी॥11॥
 
But, Maharaj! When those two mighty warriors crossed the army formation of Dronacharya, then on seeing them your sons lost all hope of Sindhuraj's survival. ॥ 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)