Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.100.6: सम्पूर्ण भूपाल पाण्डु नन्दन अर्जुन पर बाणों की वर्षा कर रहे थे, फिर भी शत्रु योद्धाओं का संहार करने वाले धर्मात्मा पार्थ इन्द्र कुमार तनिक भी व्याकुल नहीं हुए। | mahabharat अध्याय 7.100: श्रीकृष्णके द्वारा अश्वपरिचर्या तथा खा-पीकर हृष्ट-पुष्ट हुए अश्वोंद्वारा अर्जुनका पुन: शत्रुसेनापर आक्रमण करते हुए जयद्रथकी ओर बढ़ना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
व्यसृजन्त शरौघांस्ते पाण्डवं प्रति पार्थिवा:।
न चाव्यथत धर्मात्मा वासवि: परवीरहा॥ ६॥
अनुवाद
सम्पूर्ण भूपाल पाण्डु नन्दन अर्जुन पर बाणों की वर्षा कर रहे थे, फिर भी शत्रु योद्धाओं का संहार करने वाले धर्मात्मा पार्थ इन्द्र कुमार तनिक भी व्याकुल नहीं हुए।
Sampoorna Bhupal Pandu Nandan was showering arrows on Arjuna, yet Indra Kumar, the virtuous Partha, who killed the enemy warriors, did not get distressed at all.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥