Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.100.16: श्रीकृष्ण ने उसे पानी पिलाया, स्नान कराया, घास और अनाज खिलाया और जब उसकी सारी थकान दूर हो गई, तब उसे पुनः बड़ी प्रसन्नता के साथ उस अद्भुत रथ में जोत दिया। | mahabharat अध्याय 7.100: श्रीकृष्णके द्वारा अश्वपरिचर्या तथा खा-पीकर हृष्ट-पुष्ट हुए अश्वोंद्वारा अर्जुनका पुन: शत्रुसेनापर आक्रमण करते हुए जयद्रथकी ओर बढ़ना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स ताल्लँब्धोदकान् स्नातान् जग्धान्नान् विगतक्लमान्।
योजयामास संहृष्ट: पुनरेव रथोत्तमे॥ १६॥
अनुवाद
श्रीकृष्ण ने उसे पानी पिलाया, स्नान कराया, घास और अनाज खिलाया और जब उसकी सारी थकान दूर हो गई, तब उसे पुनः बड़ी प्रसन्नता के साथ उस अद्भुत रथ में जोत दिया।
Sri Krishna gave him water to drink and bathed him, fed him grass and grains and when all his fatigue was gone, then again he harnessed him to that wonderful chariot with great pleasure.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥