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mahabharat 7.10.70: जब उशीनर का पौत्र शैब्य द्रोणाचार्य के सामने आ रहा था, तब उस वीर को किसने रोका, जो मुख खोले हुए मृत्यु के समान दिख रहा था ॥70॥   |   mahabharat अध्याय 7.10: राजा धृतराष्ट्रका शोकसे व्याकुल होना और संजयसे युद्धविषयक प्रश्न   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 10: राजा धृतराष्ट्रका शोकसे व्याकुल होना और संजयसे युद्धविषयक प्रश्न  »  श्लोक 70
 
 
श्लोक  7.10.70 
तस्य नप्तारमायान्तं शैब्यं क: समवारयत्।
द्रोणायाभिमुखं यत्तं व्यात्ताननमिवान्तकम्॥ ७०॥
 
 
अनुवाद
जब उशीनर का पौत्र शैब्य द्रोणाचार्य के सामने आ रहा था, तब उस वीर को किसने रोका, जो मुख खोले हुए मृत्यु के समान दिख रहा था ॥70॥
 
When Shaibya, the grandson of Ushinar, was coming in front of Dronacharya, who stopped that brave man, who looked like Death with his mouth wide open? ॥70॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)