Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.10.58-59: वारणावत नगर में समस्त राजाओं को मार डालने की इच्छा से क्रोध में भरे हुए, धनुर्धरों में श्रेष्ठ, धनुर्धरों में श्रेष्ठ, क्रोध में भरे हुए, तथा छह महीने तक युद्ध करने पर भी पराजित न हो सकने वाले, उस सिंह युयुत्सुको को द्रोणाचार्य के पास आने से किसने रोका ? 58-59॥ | mahabharat अध्याय 7.10: राजा धृतराष्ट्रका शोकसे व्याकुल होना और संजयसे युद्धविषयक प्रश्न । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वारणावत नगर में समस्त राजाओं को मार डालने की इच्छा से क्रोध में भरे हुए, धनुर्धरों में श्रेष्ठ, धनुर्धरों में श्रेष्ठ, क्रोध में भरे हुए, तथा छह महीने तक युद्ध करने पर भी पराजित न हो सकने वाले, उस सिंह युयुत्सुको को द्रोणाचार्य के पास आने से किसने रोका ? 58-59॥
Who stopped the lion Yuyutsuko, the best among archers, the best among archers, the best of archers, full of anger, with the desire to kill all the kings in the city of Varanavat, and who could not be defeated even after fighting for six months, from coming to Dronacharya? 58-59॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥