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mahabharat 7.10.3: राजा को गिरा हुआ देखकर धृतराष्ट्र की कई पत्नियाँ उनके चारों ओर बैठ गईं और उन्हें अपने हाथों से सहलाने लगीं।   |   mahabharat अध्याय 7.10: राजा धृतराष्ट्रका शोकसे व्याकुल होना और संजयसे युद्धविषयक प्रश्न   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 10: राजा धृतराष्ट्रका शोकसे व्याकुल होना और संजयसे युद्धविषयक प्रश्न  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  7.10.3 
पतितं चैनमालोक्य समन्ताद् भरतस्त्रिय:।
परिवव्रुर्महाराजमस्पृशंश्चैव पाणिभि:॥ ३॥
 
 
अनुवाद
राजा को गिरा हुआ देखकर धृतराष्ट्र की कई पत्नियाँ उनके चारों ओर बैठ गईं और उन्हें अपने हाथों से सहलाने लगीं।
 
Seeing the King fallen, many of Dhritarashtra's wives sat around him and began caressing him with their hands.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)