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mahabharat 7.10.29-30: जब युवा, तरुण, वीर, सुन्दर, बुद्धिमान, युद्धकुशल, बुद्धिमान और सत्यवादी पाण्डुपुत्र नकुल ने युद्ध में बड़े जोर से गर्जना करके समस्त सैनिकों को पीड़ित करते हुए द्रोणाचार्य पर आक्रमण किया, तब किन वीरों ने उसे रोका ? 29-30॥   |   mahabharat अध्याय 7.10: राजा धृतराष्ट्रका शोकसे व्याकुल होना और संजयसे युद्धविषयक प्रश्न   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 10: राजा धृतराष्ट्रका शोकसे व्याकुल होना और संजयसे युद्धविषयक प्रश्न  »  श्लोक 29-30
 
 
श्लोक  7.10.29-30 
सुकुमारो युवा शूरो दर्शनीयश्च पाण्डव:।
मेधावी निपुणो धीमान् युधि सत्यपराक्रम:॥ २९॥
आरावं विपुलं कुर्वन् व्यथयन् सर्वसैनिकान्।
यदाऽऽयान्नकुलो द्रोणं के शूरा: पर्यवारयन्॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
जब युवा, तरुण, वीर, सुन्दर, बुद्धिमान, युद्धकुशल, बुद्धिमान और सत्यवादी पाण्डुपुत्र नकुल ने युद्ध में बड़े जोर से गर्जना करके समस्त सैनिकों को पीड़ित करते हुए द्रोणाचार्य पर आक्रमण किया, तब किन वीरों ने उसे रोका ? 29-30॥
 
When Nakul, the son of Pandu, young, young, valiant, handsome, intelligent, war-skilled, intelligent and truthful, roared loudly in the battle and attacked Dronacharya, tormenting all the soldiers, then which heroes stopped him? 29-30॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)