Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.10.25: जहाँ सारी सेनाएँ काँप उठीं, सभी वीर सैनिक भय से भर गए, वहाँ किन वीर सैनिकों ने द्रोणाचार्य का परित्याग नहीं किया और कौन से अधम सैनिक भय के मारे रणभूमि से भाग गए?॥ 25॥ | mahabharat अध्याय 7.10: राजा धृतराष्ट्रका शोकसे व्याकुल होना और संजयसे युद्धविषयक प्रश्न । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यत्सेना: समकम्पन्त यद्वीरानस्पृशद् भयम्।
के तत्र नाजहुर्द्रोणं के क्षुद्रा: प्राद्रवन् भयात्॥ २५॥
अनुवाद
जहाँ सारी सेनाएँ काँप उठीं, सभी वीर सैनिक भय से भर गए, वहाँ किन वीर सैनिकों ने द्रोणाचार्य का परित्याग नहीं किया और कौन से अधम सैनिक भय के मारे रणभूमि से भाग गए?॥ 25॥
Where all the armies trembled, all the brave soldiers were filled with fear, which brave soldiers did not abandon Dronacharya and which inferior soldiers fled from the battlefield out of fear?॥ 25॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥