श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 10: राजा धृतराष्ट्रका शोकसे व्याकुल होना और संजयसे युद्धविषयक प्रश्न  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  7.10.21 
इषुसम्बाधमाकाशं कुर्वन् कपिवरध्वज:।
यदाऽऽयात् कथमासीत् तु तदा पार्थं समीक्षताम्॥ २१॥
 
 
अनुवाद
जब अर्जुन वानर के चिन्ह वाला महान् ध्वज लेकर आकाश को बाणों से भरता हुआ आपके पास आया, तब उसे देखकर आपके मन की क्या स्थिति हुई? ॥21॥
 
When Arjuna, bearing a great flag bearing the symbol of a monkey, came upon you filling the sky with his arrows, what was the state of your mind when you saw him? ॥21॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)