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श्री महाभारत
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पर्व 7: द्रोण पर्व
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अध्याय 1: भीष्मजीके धराशायी होनेसे कौरवोंका शोक तथा उनके द्वारा कर्णका स्मरण
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श्लोक 9
श्लोक
7.1.9
धृतराष्ट्र उवाच
संशोच्य तु महात्मानं भीष्मं भीमपराक्रमम्।
किमकार्षु: परं तात कुरव: कालचोदिता:॥ ९॥
अनुवाद
धृतराष्ट्र ने पूछा - पितामह संजय! भयंकर पराक्रमी भीष्म के लिए अत्यन्त शोक करने के पश्चात् काल से प्रेरित होकर कौरवों ने अगला कौन-सा कार्य किया?
Dhritarashtra asked - Father Sanjay! After grieving deeply for the terrible mighty Bhishma, what next action did the Kauravas, inspired by time, do?
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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