vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 7: द्रोण पर्व
»
अध्याय 1: भीष्मजीके धराशायी होनेसे कौरवोंका शोक तथा उनके द्वारा कर्णका स्मरण
»
श्लोक 6
श्लोक
7.1.6
तस्य चिन्तयतो दु:खमनिशं पार्थिवस्य तत्।
आजगाम विशुद्धात्मा पुनर्गावल्गणिस्तदा॥ ६॥
अनुवाद
राजा उस दुःखद घटना के बारे में सोचते रहे। तभी शुद्ध हृदय वाले गोवल्गण के पुत्र संजय पुनः उनके पास आये।
The king kept thinking about that sorrowful incident. At that time Sanjaya, the son of Govalgana, who had a pure heart, came to him again.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×