श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 1: भीष्मजीके धराशायी होनेसे कौरवोंका शोक तथा उनके द्वारा कर्णका स्मरण  »  श्लोक 51
 
 
श्लोक  7.1.51 
अपि तत् पूरयांचक्रे धनुर्धरवरो युधि।
यत्तद् विनिहते भीष्मे कौरवाणामपाकृतम्॥ ५१॥
 
 
अनुवाद
भीष्म के वध के बाद युद्धभूमि में कौरवों को जो क्षति हुई, क्या उसकी पूर्ति धनुर्धरों में श्रेष्ठ कर्ण ने कर दी?
 
Was the loss that the Kauravas lost on the battlefield after the killing of Bhishma, compensated by Karna, the best among archers?
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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