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श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 1: भीष्मजीके धराशायी होनेसे कौरवोंका शोक तथा उनके द्वारा कर्णका स्मरण  »  श्लोक 45
 
 
श्लोक  7.1.45 
एवं ते स्म हि राधेयं सूतपुत्रं तनुत्यजम्।
चुक्रुशु: सहिता योधास्तत्र तत्र महाबला:॥ ४५॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार आपके सभी पराक्रमी योद्धा एक साथ राधापुत्र कर्ण को ललकारने लगे, जो दुर्योधन के लिए अपने प्राण त्यागने के लिए तैयार बैठा था।
 
Thus all your mighty warriors began to call out together to Radha's son Karna, who was sitting ready to sacrifice his life for Duryodhana.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)