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श्लोक 7.1.40  |
पाण्डवैर्वा हते भीष्मे त्वयि स्वर्गमुपेयुषि।
हन्तास्म्येकरथेनैव कृत्स्नान् यान् मन्यसे रथान्॥ ४०॥ |
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| अनुवाद |
| अथवा यदि तुम पाण्डवों के द्वारा मारे जाकर स्वर्ग को प्राप्त हो जाओ, तो इस एक रथ की सहायता से मैं उन सबको मार डालूँगा जिन्हें तुम सारथि समझते हो ॥40॥ |
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| Or, if you are killed by the Pandavas and reach heaven, then with the help of this single chariot I will kill all those whom you consider to be charioteers.' ॥ 40॥ |
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