Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.1.38-39: राजन! आधा सारथि कहने के कारण क्रोधवश उन्होंने गंगानन्दन भीष्म से कहा - 'कुरुनन्दन! जब तक तुम जीवित हो, मैं कभी युद्ध नहीं करूँगा। कौरव! यदि तुम उस महासमर में पाण्डुपुत्रों का वध कर दोगे, तो मैं दुर्योधन की अनुमति लेकर वन में चला जाऊँगा।' 38-39॥ | mahabharat अध्याय 7.1: भीष्मजीके धराशायी होनेसे कौरवोंका शोक तथा उनके द्वारा कर्णका स्मरण । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजन! आधा सारथि कहने के कारण क्रोधवश उन्होंने गंगानन्दन भीष्म से कहा - 'कुरुनन्दन! जब तक तुम जीवित हो, मैं कभी युद्ध नहीं करूँगा। कौरव! यदि तुम उस महासमर में पाण्डुपुत्रों का वध कर दोगे, तो मैं दुर्योधन की अनुमति लेकर वन में चला जाऊँगा।' 38-39॥
Rajan! Out of anger because of calling him half charioteer, he said to Ganganandan Bhishma - 'Kurunandan! I will never fight as long as you are alive. Kaurava! If you kill Pandu's sons in that great battle, then I will take Duryodhana's permission and go to the forest. 38-39॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥