श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 1: भीष्मजीके धराशायी होनेसे कौरवोंका शोक तथा उनके द्वारा कर्णका स्मरण  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  7.1.23 
मोहात् तव सपुत्रस्य वधाच्छान्तनवस्य च।
कौरव्या मृत्युसाद्भूता: सहिता: सर्वराजभि:॥ २३॥
 
 
अनुवाद
आपके पुत्रसहित मोह (अविवेक) के कारण तथा शान्तनुनन्दन भीष्म के वध के कारण समस्त राजाओं सहित सम्पूर्ण कुरुवंश मृत्यु के अधीन हो गया है॥23॥
 
Due to your attachment (indiscretion) along with your son and the killing of Shantanunandan Bhishma, the entire Kuru dynasty along with all the kings have become subject to death. 23॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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