श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 1: भीष्मजीके धराशायी होनेसे कौरवोंका शोक तथा उनके द्वारा कर्णका स्मरण  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  7.1.14 
संजय उवाच
शृणु राजन्नेकमना वचनं ब्रुवतो मम।
यत् ते पुत्रास्तदाकार्षुर्हते देवव्रते मृधे॥ १४॥
 
 
अनुवाद
संजय ने कहा, "हे राजन! उस युद्ध में देवव्रत भीष्म के मारे जाने पर आपके पुत्रों ने जो-जो कर्म किए थे, वे सब मैं आपको बता रहा हूँ। आप एकाग्रचित्त होकर मेरे वचनों को सुनें।" ॥14॥
 
Sanjaya said, "O King! I am telling you all the deeds done by your sons when Devavrata Bhishma was killed in that war. Listen to my words with full concentration." ॥ 14॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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