श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 1: भीष्मजीके धराशायी होनेसे कौरवोंका शोक तथा उनके द्वारा कर्णका स्मरण  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  7.1.13 
देवव्रते तु निहते कुरूणामृषभे तदा।
किमकार्षुर्नृपतयस्तन्ममाचक्ष्व संजय॥ १३॥
 
 
अनुवाद
संजय! कौरवों में श्रेष्ठ देवव्रत के मारे जाने पर सभी राजाओं ने क्या किया? यह बताओ।
 
Sanjay! What action did all the kings do when the best of the Kurus Devavrata was killed? Tell me this.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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