श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 1: भीष्मजीके धराशायी होनेसे कौरवोंका शोक तथा उनके द्वारा कर्णका स्मरण  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  7.1.11 
तदुदीर्णं महत् सैन्यं त्रैलोक्यस्यापि संजय।
भयमुत्पादयेत् तीव्रं पाण्डवानां महात्मनाम्॥ ११॥
 
 
अनुवाद
संजय! महात्मा पाण्डवों की वह विशाल एवं भयंकर सेना तीनों लोकों के हृदय में तीव्र भय उत्पन्न करने वाली है। 11॥
 
Sanjay! That huge and fierce army of Mahatma Pandavas can create intense fear in the hearts of all three worlds. 11॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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