श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 1: भीष्मजीके धराशायी होनेसे कौरवोंका शोक तथा उनके द्वारा कर्णका स्मरण  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  7.1.10 
तस्मिन् विनिहते शूरे दुराधर्षे महात्मनि।
किं नु स्वित् कुरवोऽकार्षुर्निमग्ना: शोकसागरे॥ १०॥
 
 
अनुवाद
जब वे वीर भीष्म मारे गए, तब सारा कुरुवंश शोक के समुद्र में डूब गया होगा; तब उन्होंने क्या किया?॥10॥
 
When that valiant hero Bhishma was killed, all the Kuru clan must have drowned in a sea of ​​grief; then what did they do?॥10॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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