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mahabharat 6.99.9-10h: दूसरी ओर राजा युधिष्ठिर, पाण्डवपुत्र भीमसेन, माद्री के दोनों पुत्र नकुल और सहदेव कवच धारण किये हुए सेना और व्यूह के सामने खड़े थे।   |   mahabharat अध्याय 6.99: नवें दिनके युद्धके लिये उभयपक्षकी सेनाओंकी व्यूह-रचना और उनके घमासान युद्धका आरम्भ तथा विनाशसूचक उत्पातोंका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 99: नवें दिनके युद्धके लिये उभयपक्षकी सेनाओंकी व्यूह-रचना और उनके घमासान युद्धका आरम्भ तथा विनाशसूचक उत्पातोंका वर्णन  »  श्लोक 9-10h
 
 
श्लोक  6.99.9-10h 
ततो युधिष्ठिरो राजा भीमसेनश्च पाण्डव:।
नकुल: सहदेवश्च माद्रीपुत्रावुभावपि॥ ९॥
अग्रत: सर्वसैन्यानां स्थिता व्यूहस्य दंशिता:।
 
 
अनुवाद
दूसरी ओर राजा युधिष्ठिर, पाण्डवपुत्र भीमसेन, माद्री के दोनों पुत्र नकुल और सहदेव कवच धारण किये हुए सेना और व्यूह के सामने खड़े थे।
 
On the other side, King Yudhishthira, Pandava's son Bhimasena, Madri's two sons Nakula and Sahadeva stood in the front of the army and the formation, wearing armour. 9 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)