श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 99: नवें दिनके युद्धके लिये उभयपक्षकी सेनाओंकी व्यूह-रचना और उनके घमासान युद्धका आरम्भ तथा विनाशसूचक उत्पातोंका वर्णन  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  6.99.4 
द्रोणो भूरिश्रवा: शल्यो भगदत्तश्च मारिष।
दक्षिणं पक्षमाश्रित्य स्थिता व्यूहस्य दंशिता:॥ ४॥
 
 
अनुवाद
आर्य! द्रोणाचार्य, भूरिश्रवा, शल्य और भगदत्त - सभी कवच ​​धारण किये हुए, सेना के दाहिनी ओर आश्रय लिये खड़े थे।
 
Arya! Dronacharya, Bhurishrava, Shalya and Bhagadatta - all wearing armour, were standing taking shelter on the right side of the formation.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)