vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 6: भीष्म पर्व
»
अध्याय 99: नवें दिनके युद्धके लिये उभयपक्षकी सेनाओंकी व्यूह-रचना और उनके घमासान युद्धका आरम्भ तथा विनाशसूचक उत्पातोंका वर्णन
»
श्लोक 4
श्लोक
6.99.4
द्रोणो भूरिश्रवा: शल्यो भगदत्तश्च मारिष।
दक्षिणं पक्षमाश्रित्य स्थिता व्यूहस्य दंशिता:॥ ४॥
अनुवाद
आर्य! द्रोणाचार्य, भूरिश्रवा, शल्य और भगदत्त - सभी कवच धारण किये हुए, सेना के दाहिनी ओर आश्रय लिये खड़े थे।
Arya! Dronacharya, Bhurishrava, Shalya and Bhagadatta - all wearing armour, were standing taking shelter on the right side of the formation.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×