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mahabharat 6.99.11-12: महाराज! शिखण्डी, अर्जुन, राक्षस घटोत्कच, पराक्रमी चेकितान और महाबली कुन्तिभोज- ये वीर विशाल सेना से घिरे हुए युद्धस्थल में अपने-अपने स्थान पर खड़े थे। 11-12॥   |   mahabharat अध्याय 6.99: नवें दिनके युद्धके लिये उभयपक्षकी सेनाओंकी व्यूह-रचना और उनके घमासान युद्धका आरम्भ तथा विनाशसूचक उत्पातोंका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 99: नवें दिनके युद्धके लिये उभयपक्षकी सेनाओंकी व्यूह-रचना और उनके घमासान युद्धका आरम्भ तथा विनाशसूचक उत्पातोंका वर्णन  »  श्लोक 11-12
 
 
श्लोक  6.99.11-12 
शिखण्डी विजयश्चैव राक्षसश्च घटोत्कच:॥ ११॥
चेकितानो महाबाहु: कुन्तिभोजश्च वीर्यवान्।
स्थिता रणे महाराज महत्या सेनया वृता:॥ १२॥
 
 
अनुवाद
महाराज! शिखण्डी, अर्जुन, राक्षस घटोत्कच, पराक्रमी चेकितान और महाबली कुन्तिभोज- ये वीर विशाल सेना से घिरे हुए युद्धस्थल में अपने-अपने स्थान पर खड़े थे। 11-12॥
 
Maharaj! Shikhandi, Arjun, the demon Ghatotkacha, the mighty Chekitana and the mighty Kuntibhoja—these heroes, surrounded by a huge army, were standing at their proper places on the battlefield. 11-12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)