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mahabharat 6.99.10-11h: धृष्टद्युम्न, राजा विराट और महाबली सात्यकि - ये शत्रु सेना के संहारक वीर भी अपनी विशाल सेनाओं के साथ सेना में अपने-अपने स्थान पर स्थित थे।   |   mahabharat अध्याय 6.99: नवें दिनके युद्धके लिये उभयपक्षकी सेनाओंकी व्यूह-रचना और उनके घमासान युद्धका आरम्भ तथा विनाशसूचक उत्पातोंका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 99: नवें दिनके युद्धके लिये उभयपक्षकी सेनाओंकी व्यूह-रचना और उनके घमासान युद्धका आरम्भ तथा विनाशसूचक उत्पातोंका वर्णन  »  श्लोक 10-11h
 
 
श्लोक  6.99.10-11h 
धृष्टद्युम्नो विराटश्च सात्यकिश्च महारथ:॥ १०॥
स्थिता: सैन्येन महता परानीकविनाशना:।
 
 
अनुवाद
धृष्टद्युम्न, राजा विराट और महाबली सात्यकि - ये शत्रु सेना के संहारक वीर भी अपनी विशाल सेनाओं के साथ सेना में अपने-अपने स्थान पर स्थित थे।
 
Dhrishtadyumna, King Virata and the mighty warrior Satyaki - these heroes, who were destroyers of the enemy army, were also stationed in their respective places in the formation with their huge armies. 10 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)