Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.98.42: (अतः उनकी रक्षा के लिए सभी आवश्यक प्रबंध करो।) मामा शकुनि, शल्य, कृपाचार्य, द्रोणाचार्य और विविंशति - ये सभी सावधान होकर गंगानन्दन भीष्म की रक्षा करें। यदि वे सुरक्षित रहें, तो हमारी विजय निश्चित है।)॥42॥ | mahabharat अध्याय 6.98: भीष्मका दुर्योधनको अर्जुनका पराक्रम बताना और भयंकर युद्धके लिये प्रतिज्ञा करना तथा प्रात:काल दुर्योधनके द्वारा भीष्मकी रक्षाकी व्यवस्था । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
(अतः उनकी रक्षा के लिए सभी आवश्यक प्रबंध करो।) मामा शकुनि, शल्य, कृपाचार्य, द्रोणाचार्य और विविंशति - ये सभी सावधान होकर गंगानन्दन भीष्म की रक्षा करें। यदि वे सुरक्षित रहें, तो हमारी विजय निश्चित है।)॥42॥
‘(Therefore make all necessary arrangements for his protection.) Uncle Shakuni, Shalya, Kripacharya, Dronacharya and Vivinshati – all of them should be cautious and protect Ganganandan Bhishma. If they are safe, our victory is certain.'॥ 42॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥