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mahabharat 6.98.41: महायुद्ध में यदि सिंह की रक्षा न की जाए तो भेड़िया उसे मार सकता है, किन्तु हम सिंहरूपी भीष्म को भेड़ियेरूपी शिखंडी के हाथों नहीं मरने देंगे।   |   mahabharat अध्याय 6.98: भीष्मका दुर्योधनको अर्जुनका पराक्रम बताना और भयंकर युद्धके लिये प्रतिज्ञा करना तथा प्रात:काल दुर्योधनके द्वारा भीष्मकी रक्षाकी व्यवस्था   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 98: भीष्मका दुर्योधनको अर्जुनका पराक्रम बताना और भयंकर युद्धके लिये प्रतिज्ञा करना तथा प्रात:काल दुर्योधनके द्वारा भीष्मकी रक्षाकी व्यवस्था  »  श्लोक 41
 
 
श्लोक  6.98.41 
अरक्ष्यमाणं हि वृको हन्यात् सिंहं महाहवे।
मा वृकेणेव गाङ्गेयं घातयेम शिखण्डिना॥ ४१॥
 
 
अनुवाद
महायुद्ध में यदि सिंह की रक्षा न की जाए तो भेड़िया उसे मार सकता है, किन्तु हम सिंहरूपी भीष्म को भेड़ियेरूपी शिखंडी के हाथों नहीं मरने देंगे।
 
If a lion is not protected in a great war, a wolf can kill him, but we will not let the lion-like Bhishma be killed by the wolf-like Shikhandi.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)