श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 98: भीष्मका दुर्योधनको अर्जुनका पराक्रम बताना और भयंकर युद्धके लिये प्रतिज्ञा करना तथा प्रात:काल दुर्योधनके द्वारा भीष्मकी रक्षाकी व्यवस्था  »  श्लोक 40
 
 
श्लोक  6.98.40 
एवं मां भरतश्रेष्ठ गाङ्गेय: प्राह शास्त्रवित्।
तत्र सर्वात्मना मन्ये गाङ्गेयस्यैव पालनम्॥ ४०॥
 
 
अनुवाद
भरतश्रेष्ठ दु:शासन! शास्त्रज्ञ गंगानन्दन भीष्म ने मुझसे इस प्रकार कहा है। अतः युद्धस्थल में भीष्म की सब प्रकार से रक्षा करना मैं अपना परम कर्तव्य समझता हूँ। 40॥
 
‘Bharatashrestha Dushasan! Ganganandan Bhishma, an expert in the scriptures, has spoken to me thus. Therefore, I consider it my main duty to protect Bhishma in every way on the battlefield. 40॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)