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mahabharat 6.98.35: महाबाहो! यह बात तो सारा जगत जानता है कि पूर्वकाल में मैंने अपने पिता को प्रसन्न करने के लिए समृद्ध राज्य और स्त्रियों का त्याग कर दिया था ॥ 35॥   |   mahabharat अध्याय 6.98: भीष्मका दुर्योधनको अर्जुनका पराक्रम बताना और भयंकर युद्धके लिये प्रतिज्ञा करना तथा प्रात:काल दुर्योधनके द्वारा भीष्मकी रक्षाकी व्यवस्था   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 98: भीष्मका दुर्योधनको अर्जुनका पराक्रम बताना और भयंकर युद्धके लिये प्रतिज्ञा करना तथा प्रात:काल दुर्योधनके द्वारा भीष्मकी रक्षाकी व्यवस्था  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  6.98.35 
लोकस्तद् वेद यदहं पितु: प्रियचिकीर्षया।
राज्यं स्फीतं महाबाहो स्त्रियश्च त्यक्तवान् पुरा॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
महाबाहो! यह बात तो सारा जगत जानता है कि पूर्वकाल में मैंने अपने पिता को प्रसन्न करने के लिए समृद्ध राज्य और स्त्रियों का त्याग कर दिया था ॥ 35॥
 
Mahabaho! The entire world knows that in the past, in order to please my father, I had given up a prosperous kingdom and women. ॥ 35॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)