श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 98: भीष्मका दुर्योधनको अर्जुनका पराक्रम बताना और भयंकर युद्धके लिये प्रतिज्ञा करना तथा प्रात:काल दुर्योधनके द्वारा भीष्मकी रक्षाकी व्यवस्था  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  6.98.32 
इदं हि समनुप्राप्तं वर्षपूगाभिचिन्तितम्।
पाण्डवानां ससैन्यानां वधो राज्यस्य चागम:॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
‘आज हमें वह अवसर मिल गया है जिसके लिए हम वर्षों से सोच रहे थे। आज सेना सहित समस्त पाण्डव मारे जाएँगे और राज्य प्राप्त होगा।॥ 32॥
 
‘Today we have got the opportunity for which we have been thinking for many years. Today all the Pandavas along with their army will be killed and the kingdom will be gained.॥ 32॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)