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mahabharat 6.98.29: इससे उनके हृदय में बड़ा खेद हुआ। भीष्म ने दासत्व की घोर निंदा की और युद्धभूमि में अर्जुन के साथ युद्ध करने का निश्चय करने से पहले बहुत देर तक विचार किया। 29॥   |   mahabharat अध्याय 6.98: भीष्मका दुर्योधनको अर्जुनका पराक्रम बताना और भयंकर युद्धके लिये प्रतिज्ञा करना तथा प्रात:काल दुर्योधनके द्वारा भीष्मकी रक्षाकी व्यवस्था   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 98: भीष्मका दुर्योधनको अर्जुनका पराक्रम बताना और भयंकर युद्धके लिये प्रतिज्ञा करना तथा प्रात:काल दुर्योधनके द्वारा भीष्मकी रक्षाकी व्यवस्था  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  6.98.29 
निर्वेदं परमं गत्वा विनिन्द्य परवश्यताम्।
दीर्घं दध्यौ शान्तनवो योद्‍धुकामोऽर्जुनं रणे॥ २९॥
 
 
अनुवाद
इससे उनके हृदय में बड़ा खेद हुआ। भीष्म ने दासत्व की घोर निंदा की और युद्धभूमि में अर्जुन के साथ युद्ध करने का निश्चय करने से पहले बहुत देर तक विचार किया। 29॥
 
This caused great regret in his heart. Bhishma strongly condemned slavery and thought for a long time before deciding to fight with Arjuna on the battlefield. 29॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)