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mahabharat 6.98.25: वहाँ पहुँचकर शत्रुओं का नाश करने वाले राजा दुर्योधन ने तुरन्त ही उस विशाल जनसमूह को विदा कर दिया और स्वयं शिविर में प्रवेश किया॥ 25॥   |   mahabharat अध्याय 6.98: भीष्मका दुर्योधनको अर्जुनका पराक्रम बताना और भयंकर युद्धके लिये प्रतिज्ञा करना तथा प्रात:काल दुर्योधनके द्वारा भीष्मकी रक्षाकी व्यवस्था   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 98: भीष्मका दुर्योधनको अर्जुनका पराक्रम बताना और भयंकर युद्धके लिये प्रतिज्ञा करना तथा प्रात:काल दुर्योधनके द्वारा भीष्मकी रक्षाकी व्यवस्था  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  6.98.25 
आगम्य तु ततो राजा विसृज्य च महाजनम्।
प्रविवेश ततस्तूर्णं क्षयं शत्रुक्षयङ्कर:॥ २५॥
 
 
अनुवाद
वहाँ पहुँचकर शत्रुओं का नाश करने वाले राजा दुर्योधन ने तुरन्त ही उस विशाल जनसमूह को विदा कर दिया और स्वयं शिविर में प्रवेश किया॥ 25॥
 
Arriving there, King Duryodhana, the destroyer of enemies, immediately dismissed that great crowd of people and himself entered the camp.॥ 25॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)