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mahabharat 6.98.24: हे लोकों के स्वामी! भीष्म की यह बात सुनकर आपके पुत्र दुर्योधन ने अपने अग्रजों के चरणों में सिर नवाया और फिर अपने शिविर में चला गया।   |   mahabharat अध्याय 6.98: भीष्मका दुर्योधनको अर्जुनका पराक्रम बताना और भयंकर युद्धके लिये प्रतिज्ञा करना तथा प्रात:काल दुर्योधनके द्वारा भीष्मकी रक्षाकी व्यवस्था   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 98: भीष्मका दुर्योधनको अर्जुनका पराक्रम बताना और भयंकर युद्धके लिये प्रतिज्ञा करना तथा प्रात:काल दुर्योधनके द्वारा भीष्मकी रक्षाकी व्यवस्था  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  6.98.24 
एवमुक्तस्तव सुतो निर्जगाम जनेश्वर।
अभिवाद्य गुरुं मूर्ध्ना प्रययौ स्वं निवेशनम्॥ २४॥
 
 
अनुवाद
हे लोकों के स्वामी! भीष्म की यह बात सुनकर आपके पुत्र दुर्योधन ने अपने अग्रजों के चरणों में सिर नवाया और फिर अपने शिविर में चला गया।
 
O lord of all worlds! Upon hearing Bhishma say this, your son Duryodhana bowed his head at the feet of his elders and then went back to his camp.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)