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mahabharat 6.98.20: या तो मैं युद्ध में उनके द्वारा मारा जाकर यमलोक को जाऊँगा, या रणभूमि में उन्हें मारकर तुम्हें आनन्द पहुँचाऊँगा॥ 20॥   |   mahabharat अध्याय 6.98: भीष्मका दुर्योधनको अर्जुनका पराक्रम बताना और भयंकर युद्धके लिये प्रतिज्ञा करना तथा प्रात:काल दुर्योधनके द्वारा भीष्मकी रक्षाकी व्यवस्था   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 98: भीष्मका दुर्योधनको अर्जुनका पराक्रम बताना और भयंकर युद्धके लिये प्रतिज्ञा करना तथा प्रात:काल दुर्योधनके द्वारा भीष्मकी रक्षाकी व्यवस्था  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  6.98.20 
तैर्वाहं निहत: संख्ये गमिष्ये यमसादनम्।
तान् वा निहत्य समरे प्रीतिं दास्याम्यहं तव॥ २०॥
 
 
अनुवाद
या तो मैं युद्ध में उनके द्वारा मारा जाकर यमलोक को जाऊँगा, या रणभूमि में उन्हें मारकर तुम्हें आनन्द पहुँचाऊँगा॥ 20॥
 
Either I will be killed by them in battle and go to Yamaloka, or I will kill them in the battlefield and bring you joy.॥ 20॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)