Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.98.12: उन दिनों अर्जुन ने अपने पराक्रम पर गर्व करने वाले कर्ण को पराजित करके उसके वस्त्र छीनकर उत्तरा को दे दिए थे। यह उदाहरण पर्याप्त है॥12॥ | mahabharat अध्याय 6.98: भीष्मका दुर्योधनको अर्जुनका पराक्रम बताना और भयंकर युद्धके लिये प्रतिज्ञा करना तथा प्रात:काल दुर्योधनके द्वारा भीष्मकी रक्षाकी व्यवस्था । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
विजित्य च यदा कर्णं सदा पुरुषमानिनम्।
उत्तरायै ददौ वस्त्रं पर्याप्तं तन्निदर्शनम्॥ १२॥
अनुवाद
उन दिनों अर्जुन ने अपने पराक्रम पर गर्व करने वाले कर्ण को पराजित करके उसके वस्त्र छीनकर उत्तरा को दे दिए थे। यह उदाहरण पर्याप्त है॥12॥
In those days, after defeating Karna who was always proud of his bravery, Arjuna snatched his clothes and offered them to Uttara. This example will suffice.॥ 12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥