श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 98: भीष्मका दुर्योधनको अर्जुनका पराक्रम बताना और भयंकर युद्धके लिये प्रतिज्ञा करना तथा प्रात:काल दुर्योधनके द्वारा भीष्मकी रक्षाकी व्यवस्था  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  6.98.1 
संजय उवाच
वाक् शल्यैस्तव पुत्रेण सोऽतिविद्धो महामना:।
दु:खेन महताऽऽविष्टो नोवाचाप्रियमण्वपि॥ १॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं- महाराज! आपके पुत्र के शास्त्रों का अत्यंत विद्वान हो जाने से महाबली भीष्म अत्यन्त दुःखी हुए; तथापि उन्होंने उससे किंचित मात्र भी अप्रिय वचन नहीं कहा॥1॥
 
Sanjay says- Maharaj! The great Bhishma became very sad due to your son becoming extremely learned from the scriptures; However, he did not say even the slightest unpleasant word to him. 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)